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कृषि मंत्री ने कहा कि यह महोत्सव इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जो राज्य की कृषि को आर्थिक रूप से समृद्ध और टिकाऊ बना सकता है  

 

कृषि मंत्री ने कहा कि यह महोत्सव इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जो राज्य की कृषि को आर्थिक रूप से समृद्ध और टिकाऊ बना सकता है

 

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून स्थित कैंप कार्यालय में कृषि विभाग उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित किए जाने वाले “एग्री मित्रा उत्तराखण्ड 2025” महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने महोत्सव की सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर शौचालय, पेयजल की उपलब्धता एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया।
मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि यह महोत्सव 14 और 15 जून 2025 को देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित जसवंत ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तराखण्ड के कोने-कोने से आने वाले किसान, एफपीओ, कृषि स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान, कृषि वैज्ञानिक, सहकारी समितियाँ और स्वयं सहायता समूह (SHGs) कृषि विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राएं सहित कई प्रदेशों के कृषि मंत्री भाग लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में किया जाएगा।
कृषि महोत्सव का प्रमुख आकर्षण स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी, स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए जैविक व पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी, मोटे अनाज (मिलेट्स) पर केंद्रित विशेष चर्चा: पौष्टिकता, संभावनाएं और बाजार से जुड़ी जानकारियाँ वैज्ञानिक सत्र: कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद नवाचारों की प्रस्तुति: आधुनिक कृषि तकनीकों और इनोवेटिव मॉडल्स की झलक आदि।
मंत्री जोशी ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की कृषि को आत्मनिर्भरता, नवाचार और समृद्धि की ओर ले जाने का प्रयास है। कृषि मंत्री ने कहा कि यह महोत्सव किसानों को नए विचारों, तकनीकों और नेटवर्किंग का बेहतर मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जलवायु और भूगोल के अनुरूप खेती को कैसे और अधिक लाभकारी बनाया जाए, इस पर भी चर्चा की जाएगी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक, तकनीकी और बाज़ार-उन्मुख कृषि प्रणाली से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जो राज्य की कृषि को आर्थिक रूप से समृद्ध और टिकाऊ बना सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में किसानों को इस महोत्सव में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आव्हान भी किया।
इस अवसर पर कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, संयुक्त निदेशक डॉ रतन कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देहरादून देवेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, एमडी जैविक बोर्ड विनय कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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