सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश नाकाम अंकिता के नाम पर राजनीति नहीं, न्याय की जरूरत
सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश नाकाम अंकिता के नाम पर राजनीति नहीं, न्याय की जरूरत
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष द्वारा बार-बार सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन तथ्य बताते हैं कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार ने न केवल त्वरित और कठोर कार्रवाई की, बल्कि पीड़ित परिवार के साथ हर स्तर पर खड़े होकर संवेदनशील और जिम्मेदार शासन का परिचय दिया।
👉 सख्त कार्रवाई का नतीजा: तीनों आरोपी आज भी जेल में
सरकार की मजबूत पैरवी और सख्त रुख का ही परिणाम है कि इस जघन्य हत्याकांड के तीनों मुख्य आरोपी — पुलकित आर्य, अंकित और सौरभ — आज भी सलाखों के पीछे हैं। किसी भी आरोपी को न तो राजनीतिक संरक्षण मिला और न ही कानून से बचने का मौका। यह साफ दर्शाता है कि सरकार ने शुरुआत से ही “न्याय पहले” की नीति अपनाई।
👉 पीड़ित परिवार के कहने पर बदला गया वकील
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