मुख्यमंत्री को नहीं आता गुस्सा… हसते हुये दिल जीतने के बादशाह हैं अपने धामी
मुख्यमंत्री को नहीं आता गुस्सा...
हसते हुये दिल जीतने के बादशाह हैं अपने धामी
उत्तराखण्ड की सियासत को नजदीक से पहचानने वाले जानते हैं कि राज्य के जिस-जिस पूर्व मुख्यमंत्री ने सत्ता चलाने के दौरान गुस्से और अहंकार से अपने आपको सत्ता का बादशाह समझा उस-उस पूर्व मुख्यमंत्री का नाम आज राज्य की जनता भूल चुकी है क्योकि आम जनमानस को अपना मुखिया हसमुख देखने की ही हमेशा अभिलाषा रही है। उत्तराखण्ड की कमान जबसे सैनिक पुत्र धामी को मिली है तो उन्होंने सत्ता चलाने के लिए हमेशा फ्लावर चेहरे को आवाम के सामने रखा और उनके बीच जाकर उन्होंने हमेशा उन्हें यही संदेश दिया कि वह आवाम के जनसेवक हैं न कि किसी सल्तनत के बादशाह मुख्यमंत्री अपने तीन साल से अधिक के कार्यकाल में कभी किसी पर गुस्सा होते हुए दिखाई नहीं दिए उनके सामने जब चाहे कितना भी बडा संकट या मामला आया हो उन्होंने कभी भी अपने माथे पर ...
