Monday, September 7News That Matters

Tag: अनिल रतूड़ी जी अपने कार्यकाल के दौरान सच्चे अर्थों में “स्थितप्रज्ञ” रहे यानी ऐसी मानसिक स्थिति में

अनिल रतूड़ी जी अपने कार्यकाल के दौरान सच्चे अर्थों में “स्थितप्रज्ञ” रहे यानी ऐसी मानसिक स्थिति में, जहां न कोई भय हो, न कोई लालच और न कोई विचलन रहा हो:धामी

अनिल रतूड़ी जी अपने कार्यकाल के दौरान सच्चे अर्थों में “स्थितप्रज्ञ” रहे यानी ऐसी मानसिक स्थिति में, जहां न कोई भय हो, न कोई लालच और न कोई विचलन रहा हो:धामी

आपका शहर, उत्तराखंड, देहरादून
  अनिल रतूड़ी जी अपने कार्यकाल के दौरान सच्चे अर्थों में "स्थितप्रज्ञ" रहे यानी ऐसी मानसिक स्थिति में, जहां न कोई भय हो, न कोई लालच और न कोई विचलन रहा हो:धामी   मुख्यमंत्री ने पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी की पुस्तक ‘‘खाकी में स्थितप्रज्ञ’’ का किया विमोचन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे चौक, देहरादून स्थित आई.आर.डी.टी सभागार में उत्तराखण्ड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘खाकी में स्थितप्रज्ञ’’ का विमोचन किया। अनिल रतूड़ी ने यह पुस्तक एक आईपीएस अधिकारी के रूप में अपने संस्मरण एवं अनुभव के आधार पर लिखी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अनिल रतूड़ी द्वारा इस पुस्तक के माध्यम से एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपने सेवाकाल के संस्मरणो, अनुभवों और चुनौतियों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता दोनो...